पलामू : शहर थाना क्षेत्र के रेड़मा स्थित समदा आहर के पास युवक विनीत तिवारी के अपहरण और बाद में उनका शव बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परिजनों के अनुसार, विनीत तिवारी किसी आवश्यक कार्य से घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। उनके मोबाइल फोन से भी संपर्क नहीं हो सका, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई। इसी बीच समदा आहर के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कुछ संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं, जिसके बाद अपहरण की आशंका जताई जाने लगी।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब विनीत तिवारी की कार लावारिस हालत में बरामद हुई। वाहन के इस स्थिति में मिलने से यह स्पष्ट संकेत मिला कि घटना सामान्य नहीं है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक की तलाश शुरू की, लेकिन शुरुआती प्रयासों में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका।
जोरकट इलाके से बरामद हुआ शव
घटना ने भयावह मोड़ तब लिया जब जोरकट क्षेत्र से विनीत तिवारी का शव बरामद हुआ। शव मिलने की खबर जैसे ही फैली, पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और स्थानीय लोगों में भी गुस्सा भड़क उठा।
आक्रोशित लोगों ने किया चक्का जाम
घटना के विरोध में परिजनों और स्थानीय लोगों ने रेड़मा चौक को जाम कर दिया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग सड़क पर उतर आए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस-प्रशासन ने संभाला मोर्चा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी, डीएसपी तथा कई थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। प्रशासन के हस्तक्षेप और ठोस कार्रवाई के भरोसे के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटाया।
फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है और इस हत्याकांड के पीछे के कारणों का पता लगाने के साथ-साथ अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।