जमशेदपुर: साकची स्थित निर्माण लाइब्रेरी में बीपीएससी परीक्षा के माध्यम से प्रतिष्ठित सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) पद पर चयनित अपने सफल छात्र अंकित शर्मा के साथ एक प्रेरणादायक संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अंकित शर्मा ने अपनी सफलता की यात्रा, तैयारी की रणनीति और संघर्षों को छात्रों के साथ साझा करते हुए उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
संवाद के दौरान अंकित शर्मा ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे दो वर्षों की अनुशासित तैयारी, निरंतर मेहनत और निर्माण लाइब्रेरी का उत्कृष्ट अध्ययन वातावरण महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए धैर्य, निरंतरता और आत्मविश्वास सबसे बड़ी पूंजी है। यदि विद्यार्थी पूरे समर्पण के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं, तो सफलता अवश्य मिलती है।
उन्होंने निर्माण लाइब्रेरी के संस्थापक डॉ. सुमित रस्तोगी और सुश्री अर्चना रस्तोगी के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा, मार्गदर्शन और निरंतर सहयोग ने तैयारी के दौरान उन्हें हमेशा आगे बढ़ने का हौसला दिया। साथ ही उन्होंने लाइब्रेरी प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि यहां का शांत, अनुशासित और प्रेरणादायक माहौल तथा आधुनिक सुविधाएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहद अनुकूल हैं।
अंकित शर्मा ने यह भी आश्वासन दिया कि वह भविष्य में भी निर्माण लाइब्रेरी के विद्यार्थियों के साथ जुड़े रहेंगे और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को समय-समय पर मार्गदर्शन एवं मेंटरशिप प्रदान करेंगे।
इस अवसर पर निर्माण लाइब्रेरी के संस्थापक डॉ. सुमित रस्तोगी एवं सुश्री अर्चना रस्तोगी ने अंकित शर्मा को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि पर सम्मानित करते हुए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि निर्माण लाइब्रेरी का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त श्रेष्ठ अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि अधिक से अधिक युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर अपने सपनों को साकार कर सकें।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने तैयारी की रणनीति, समय प्रबंधन, अध्ययन तकनीक और प्रेरणा बनाए रखने से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। अंकित शर्मा ने सभी सवालों के व्यावहारिक और प्रेरणादायक उत्तर दिए। यह संवाद सत्र उपस्थित सभी अभ्यर्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और उपयोगी साबित हुआ।