चंडीगढ़/हेलसिंकी: भारतीय फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए मिनर्वा अकादमी एफसी ने फिनलैंड में आयोजित प्रतिष्ठित हेलसिंकी कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने मेज़बान देश की मजबूत टीम एचजेके हेलसिंकी (HJK Helsinki) को 1-0 से हराकर पहली बार यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय ट्रॉफी जीतने का गौरव हासिल किया। इस जीत के साथ मिनर्वा अकादमी हेलसिंकी कप जीतने वाली पहली भारतीय टीम बन गई।
हेलसिंकी कप दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित और सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय युवा फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है। इसकी शुरुआत वर्ष 1976 में फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में हुई थी। हर वर्ष आयोजित होने वाले इस टूर्नामेंट में दुनिया भर के हजारों युवा खिलाड़ी और सैकड़ों टीमें हिस्सा लेती हैं। यूरोप के सबसे बड़े जूनियर फुटबॉल आयोजनों में शामिल इस प्रतियोगिता में इस वर्ष भी कई देशों की टीमों ने भाग लिया, जिससे इसका स्तर और प्रतिस्पर्धा बेहद ऊंची रही।
मिनर्वा अकादमी एफसी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए मजबूत यूरोपीय टीमों को पछाड़कर फाइनल तक का सफर तय किया। निर्णायक मुकाबले में भारतीय खिलाड़ियों ने अनुशासित रक्षण और तेज आक्रमण का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेज़बान फिनलैंड की टीम को 1-0 से पराजित कर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि को भारतीय युवा फुटबॉल के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की फुटबॉल अकादमियों की क्षमता को नई पहचान मिली है।
टीम के शानदार प्रदर्शन का श्रेय खिलाड़ियों के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ और प्रबंधन को भी दिया जा रहा है। क्लब के मालिक रंजीत बाजाज लंबे समय से भारतीय युवा फुटबॉल को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रहे हैं। यदि आप आधिकारिक टीम स्क्वाड (सभी खिलाड़ियों के नाम) और मुख्य कोच का नाम जोड़ना चाहते हैं, तो कृपया टीम की आधिकारिक सूची या प्रेस विज्ञप्ति साझा करें। उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों में इस 2026 विजेता टीम का पूर्ण स्क्वाड प्रकाशित नहीं किया गया है, इसलिए मैं बिना पुष्टि के खिलाड़ियों या कोच के नाम जोड़ना उचित नहीं समझता।