प्रखंड लेसलीगंज के ग्राम पंचायत ओरिया कला में शनिवार को कृषक वैज्ञानिक अंतरमिलन सह किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पलामू के उपायुक्त उपस्थित रहे। गोष्ठी में किसानों को बदलते मौसम और कम बारिश की संभावित स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक एवं कम पानी में होने वाली फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
मुख्य अतिथि ने किसानों से कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों के साथ-साथ मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने मड़ुवा, ज्वार और बाजरा जैसी फसलों की खेती को किसानों के लिए उपयोगी बताते हुए बदलते मौसम के बीच कृषि पद्धतियों में आवश्यक बदलाव लाने पर जोर दिया।
क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ. विनोद कुमार पांडेय तथा कृषि विज्ञान केंद्र के निदेशक अखिलेश शाह ने किसानों के साथ वर्तमान समय में खेती के लिए अपनाई जा रही नई तकनीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने मौसम में हो रहे बदलाव और सुपर अल नीनो के संभावित चक्रवाती प्रभाव के कारण कम बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों को वैकल्पिक फसलों और कृषि तकनीकों को अपनाने की जानकारी दी।
इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसान समृद्धि योजना, झारखंड राज्य मिलेट्स मिशन योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित अन्य कृषि योजनाओं के बारे में किसानों को विस्तार से बताया। किसानों से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने तथा कृषि विभाग से उपलब्ध तकनीकी सहायता लेने की अपील की गई।
गोष्ठी के दौरान किसानों ने कृषि से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और चुनौतियों पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। वैज्ञानिकों ने किसानों के सवालों का जवाब देते हुए आधुनिक कृषि तकनीक, फसल चयन और बदलते मौसम के अनुरूप खेती की रणनीति के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सहायक तकनीकी प्रबंधक, ग्राम पंचायत के मुखिया तथा जिला परिषद सदस्य पूर्वी समेत अन्य जनप्रतिनिधियों और कृषि विभाग के कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.