राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड सरकार ने छात्राओं को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने वाली मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना का दायरा बढ़ा दिया है। अब डिप्लोमा स्तर के 497 और स्नातक स्तर के 342 प्रोफेशनल कोर्स को भी योजना में शामिल किया गया है। पात्रता पूरी करने वाली छात्राओं को इन पाठ्यक्रमों में पढ़ाई के दौरान छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने झारखंड काउंसिल आन साइंस, टेक्नोलाजी एंड इनोवेशन (जेसीएसटीआइ) की ओर से गठित समिति की अनुशंसा के आधार पर इन पाठ्यक्रमों को योजना के लिए मान्यता दी है। विभाग ने स्वीकृत पाठ्यक्रमों की सूची भी जारी कर दी है। इन नए कोर्स में नामांकित छात्राओं को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से छात्रवृत्ति का लाभ देने का प्रावधान किया गया है।
अब तक मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना का लाभ मुख्य रूप से पालीटेक्निक और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को मिल रहा था। नए पाठ्यक्रमों के शामिल होने के बाद योजना का दायरा काफी विस्तृत हो गया है।
फार्मेसी से साइबर सिक्योरिटी तक कई कोर्स शामिल
सरकार द्वारा योजना में शामिल किए गए पाठ्यक्रमों में फार्मेसी, होटल मैनेजमेंट, फॉरेंसिक साइंस, कंप्यूटर एप्लीकेशन, साइबर सिक्योरिटी, मैरीटाइम सिक्योरिटी, पुलिस साइंस एंड टेक्नोलाजी, आर्किटेक्चर, एप्लाइड आर्ट्स एंड क्राफ्ट, डिजाइन, मैनेजमेंट, प्लानिंग और साइंस सहित कई अन्य पाठ्यक्रम शामिल हैं।
इनमें बड़ी संख्या ऐसे डिप्लोमा, इंजीनियरिंग और टेक्नोलाजी से जुड़े पाठ्यक्रमों की है, जिनमें छात्राएं व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा हासिल कर सकती हैं। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, स्वीकृत सूची में शामिल पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाली पात्र छात्राओं को योजना के तहत निर्धारित राशि प्रदान की जाएगी।
डिप्लोमा छात्राओं को ₹15 हजार, स्नातक को ₹30 हजार प्रतिमाह
मानकी मुंडा छात्रवृत्ति योजना के तहत डिप्लोमा स्तर की पढ़ाई करने वाली छात्राओं को प्रतिमाह ₹15 हजार तथा स्नातक स्तर के प्रोफेशनल कोर्स में अध्ययनरत छात्राओं को ₹30 हजार प्रतिमाह छात्रवृत्ति दी जाएगी।
छात्रवृत्ति की राशि सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से छात्राओं के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी। इससे छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभुक छात्राओं तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
अब 15 हजार छात्राओं को मिलेगा लाभ
योजना के विस्तार से इसके लाभुकों की संख्या भी बढ़ाई गई है। पहले प्रतिवर्ष करीब 4,200 छात्राओं को इस योजना का लाभ देने का प्रावधान था। अब योजना का दायरा बढ़ने के बाद कुल 15 हजार छात्राओं को प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति मिलने की संभावना है।
इसमें डिप्लोमा स्तर के विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत 5,000 छात्राओं तथा इंजीनियरिंग एवं अन्य स्नातक स्तर के प्रोफेशनल कोर्स में नामांकित 10,000 छात्राओं को योजना का लाभ दिया जाएगा।
सेमेस्टर में फेल होने पर बंद हो सकती है छात्रवृत्ति
योजना के तहत छात्राओं की शैक्षणिक प्रगति को भी महत्वपूर्ण रखा गया है। प्रावधान के अनुसार, यदि किसी सेमेस्टर में छात्रा एक भी विषय में अनुत्तीर्ण होती है, तो उसकी छात्रवृत्ति बंद कर दी जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्राओं को पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना भी है।
नए पाठ्यक्रमों को शामिल किए जाने से तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा हासिल करने वाली अधिक संख्या में छात्राओं को आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता खुल गया है।