मेदिनीनगर, 14 अप्रैल 2026: गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी), पलामू के संस्थागत नवाचार परिषद (आईआईसी 8.0) द्वारा झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, रांची के सहयोग से “डिग्री केवल आधार है, जिज्ञासा और रचनात्मकता ही सफलता की सीमा तय करती है: केवल सूत्र जानना अब पर्याप्त नहीं है” विषय पर एक प्रेरणादायक ऑनलाइन एक्सपर्ट टॉक का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम में झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, रांची के कुलपति प्रो. डी. के. सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में नवाचार, आलोचनात्मक सोच और उद्योग उन्मुख शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को नई सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य वक्ता के रूप में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के अध्यक्ष एवं बीआईटी सिंदरी के पूर्व छात्र श्री अमरेन्दु प्रकाश ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने छात्रों को प्रश्न पूछने, सार्थक चर्चा करने और आलोचनात्मक सोच विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही, व्यावहारिक ज्ञान और वास्तविक जीवन के अनुभवों के महत्व को भी विस्तार से समझाया। उन्होंने एक प्रेरणादायक सूत्र साझा करते हुए कहा— “कुछ में सब-कुछ, सब में कुछ-कुछ”, जो व्यापक और गहन ज्ञान के संतुलन को दर्शाता है।
इस अवसर पर सिलिकॉन वैली के उद्यमी प्रो. रमेश यादव और प्रो. सुरेश रॉय ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने जिज्ञासा, रचनात्मकता और उद्यमिता को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए विद्यार्थियों को पारंपरिक सोच से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुरली मनोहर (अध्यक्ष, आईआईसी 8.0) और डॉ. दीपेश कुमार (उपाध्यक्ष, आईआईसी 8.0) ने संयुक्त रूप से किया। वहीं, संस्थान के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार सिंह ने इस सफल आयोजन के लिए आईआईसी टीम की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी। यह सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ और इसने शैक्षणिक ज्ञान एवं औद्योगिक आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।