आदित्यपुर: झारखंड के आदित्यपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आदित्यपुर की दलित बस्तियों से दो हजार से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। नाम कटने की शिकायत को लेकर शनिवार को सैकड़ों लोगों ने आंबेडकर चौक पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने मताधिकार से वंचित हो गए हैं। लोगों ने चुनाव आयोग और प्रशासन से मामले की जांच कराने तथा पात्र लोगों के नाम जल्द से जल्द दोबारा मतदाता सूची में जोड़ने की मांग की।
आदित्यपुर के पूर्व पार्षद ने बताया कि उनकी बस्ती में दो हजार से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह बस्ती दलित समुदाय की है और यहां के लोग लंबे समय से रह रहे हैं। पूर्व पार्षद के अनुसार, यह बस्ती राजा-महाराजाओं के शासनकाल से ही यहां मौजूद है, इसके बावजूद SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।

पूर्व पार्षद ने कहा कि नाम कट जाने से बस्ती के लोगों में काफी नाराजगी है और उन्हें वोट देने के अधिकार से वंचित होना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की जांच कर पात्र लोगों के नाम जल्द से जल्द मतदाता सूची में जोड़े जाएं।
विरोध प्रदर्शन में स्थानीय लोगों के साथ कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने और जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनके दस्तावेजों की दोबारा जांच करने की मांग की।
द मॉर्निंग प्रेस से बातचीत में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष खिरोद सरदार ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
लोगों ने कहा कि मतदाता सूची में नाम होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए जिन लोगों के नाम SIR के दौरान हटाए गए हैं, उनकी पात्रता की दोबारा जांच कर जल्द से जल्द नाम मतदाता सूची में शामिल किए जाने चाहिए। विरोध प्रदर्शन करने वालों में प्रमुख रूप से रमेश बालमुचू, खीरोद सरदार, संगीता प्रधान और पूर्व पार्षद पांडी मुखी शामिल थे।