नीलाम्बर पिताम्बरपुर, प्रखंड 20 सूत्री क्रियान्वयन समिति के लंबे समय तक अध्यक्ष रहे, पेंशनर समाज के प्रखंड अध्यक्ष तथा सेवानिवृत्त शिक्षक नंदकिशोर सिंह का मंगलवार, 14 अप्रैल की सुबह निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे प्रखंड क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वे अपने सादगीपूर्ण जीवन, सामाजिक सक्रियता और जनसेवा के लिए व्यापक रूप से जाने जाते थे।
नंदकिशोर सिंह का जीवन समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा। शिक्षक के रूप में उन्होंने वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दिया और अनेक विद्यार्थियों का भविष्य संवारा। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने समाजसेवा का मार्ग नहीं छोड़ा और प्रखंड 20 सूत्री क्रियान्वयन समिति के अध्यक्ष के रूप में लगातार सक्रिय भूमिका निभाई। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और आम लोगों तक उसका लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पेंशनर समाज के प्रखंड अध्यक्ष के रूप में भी वे बुजुर्गों और पेंशनधारियों की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। वे समय-समय पर अधिकारियों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं के निराकरण का प्रयास करते थे। उनके इस प्रयास से कई लोगों को राहत भी मिली। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव नावाडीह भकासी में पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, शिक्षक और समाजसेवी शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। शोकसभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें लोगों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि नंदकिशोर सिंह जैसे कर्मठ और ईमानदार व्यक्ति का जाना समाज के लिए बड़ी क्षति है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है। उनकी सादगी, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा लोगों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। गांव के लोगों ने बताया कि वे हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे रहते थे और हर सामाजिक कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या सामाजिक सेवा, उन्होंने हर जगह अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई।
उनके परिवार में पत्नी, पुत्र-पुत्री सहित भरा-पूरा परिवार है। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ पूरे प्रखंड क्षेत्र में शोक का माहौल है। लोग उनके योगदान को याद कर भावुक हो उठे हैं। नंदकिशोर सिंह का जीवन एक प्रेरणा के रूप में हमेशा याद किया जाएगा। उनकी सेवाएं और समाज के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनेगा।