अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मानवयुक्त चंद्र अभियान आर्टेमिस II ने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक क्षण दर्ज किया है। 1 अप्रैल 2026 को शाम 6 बजकर 35 मिनट (पूर्वी डेलाइट समय) पर फ्लोरिडा स्थित कैनेडी अंतरिक्ष केंद्र के प्रक्षेपण परिसर 39-बी से विशाल अंतरिक्ष प्रक्षेपण प्रणाली रॉकेट के माध्यम से यह मिशन रवाना हुआ। मिशन के अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा की ओर बढ़ते हुए पृथ्वी की अद्भुत तस्वीरें साझा की हैं, जो विश्वभर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
इस ऐतिहासिक उड़ान में कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन विशेषज्ञ क्रिस्टीना कोच तथा कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के मिशन विशेषज्ञ जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। 2 अप्रैल 2026 को प्रक्षेपण के बाद, ओरियन अंतरिक्ष यान ने सफलतापूर्वक ट्रांस-लूनर इंजेक्शन बर्न पूरा किया और पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकल गया। इसी दौरान कमांडर रीड वाइजमैन ने गहरे अंतरिक्ष से पृथ्वी की मनमोहक छवियाँ कैद कीं। नासा द्वारा जारी पहली डाउनलिंक तस्वीरों में कैप्सूल की खिड़की से दिखाई देता पृथ्वी का घुमावदार हिस्सा नजर आता है। दूसरी तस्वीर में पृथ्वी अंतरिक्ष के अंधकार में चमकते नीले गोले के रूप में दिखाई दे रही है, जिसके ऊपर सफेद बादलों की घुमावदार परतें स्पष्ट हैं। ध्रुवीय क्षेत्रों के पास ऑरोरा की हल्की झलक भी इन तस्वीरों में देखी जा सकती है।


नासा ने इन तस्वीरों को मिशन के प्रक्षेपण के लगभग डेढ़ दिन बाद सार्वजनिक किया। ये तस्वीरें उस ऐतिहासिक पल की गवाह हैं जब चालक दल पृथ्वी की गुरुत्वाकर्षण सीमा से आगे बढ़ चुका था। दल लगभग 2.4 लाख किलोमीटर दूर चंद्रमा की दिशा में अग्रसर है और 6 अप्रैल को चंद्रमा के समीप पहुँचने की योजना है। यह मिशन 1972 के बाद पहली बार है जब कोई मानव मिशन पृथ्वी की कक्षा से बाहर गया है। इससे पहले यह उपलब्धि अपोलो 17 मिशन के दौरान दर्ज की गई थी।
आर्टेमिस–II, आर्टेमिस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण चरण है, जिसका उद्देश्य मनुष्यों को फिर से चंद्रमा के निकट ले जाना और भविष्य की मंगल यात्राओं के लिए आवश्यक तकनीकी और संचालन संबंधी अनुभव जुटाना है। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह मिशन गहरे अंतरिक्ष में मानव उड़ान की क्षमताओं, संचार प्रणाली और अंतरिक्ष यान की कार्यक्षमता की व्यापक जाँच का अवसर प्रदान कर रहा है। गहरे अंतरिक्ष से पृथ्वी की ये तस्वीरें न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि मानवता के लिए एक भावनात्मक क्षण भी हैं, एक ऐसा दृश्य, जो यह याद दिलाता है कि विशाल ब्रह्मांड में हमारी पृथ्वी कितनी अनोखी और सुंदर है।