मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने भोपाल पुलिस महकमे को अचंभे में डाल दिया है। अस्पताल से चोरी हुई एक स्कूटी का जब ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने पर ई-चालान कटा, तो चालान की तस्वीर देखकर गाड़ी की असली मालकिन के होश उड़ गए। ट्रैफिक कैमरे की फोटो में एक महिला पुलिसकर्मी (लेडी कांस्टेबल) उसी चोरी की स्कूटी को सरेआम दौड़ाती नजर आई।
पूरी घटना का घटनाक्रम
- अस्पताल से स्कूटी चोरी: भोपाल के हमीदिया अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर नीलू साहू की नीले रंग की होंडा एक्टिवा स्कूटी 22 अगस्त 2026 को अस्पताल परिसर से चोरी हो गई थी। उन्होंने इसकी एफआईआर तुरंत कोहेफिजा थाने में दर्ज कराई थी। स्कूटी की डिग्गी में उनका आईफोन और अन्य कीमती सामान भी रखा था।
- ई-चालान का ट्विस्ट: चोरी के करीब 11 दिन बाद यानी 2 सितंबर 2026 को नीलू साहू के मोबाइल पर रेड लाइट जंप करने (सिग्नल तोड़ने) का एक ऑटोमेटेड ई-चालान का मैसेज आया। यह चालान भोपाल के व्यस्त रोशनपुरा चौराहे पर कटा था।
- तस्वीर देख उड़े होश: जब पीड़िता ने चालान की सत्यता जांचने के लिए ट्रैफिक पोर्टल पर कैमरे द्वारा ली गई फोटो देखी, तो वह हैरान रह गईं। उनकी चोरी हुई स्कूटी को खाकी वर्दी पहने एक महिला बड़े आराम से शहर की सड़क पर चला रही थी।
जांच की वर्तमान स्थिति
इस घटना के बाद भोपाल पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है:
- रूट की ट्रैकिंग: पुलिस रोशनपुरा चौराहे और हमीदिया अस्पताल के आसपास के सभी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है ताकि गाड़ी के आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
- असली पुलिस या बहरूपिया?: एडिशनल डीसीपी शालिनी दीक्षित के अनुसार, विभाग इस बात की पुष्टि करने में जुटा है कि स्कूटी चला रही महिला वास्तव में कोई लेडी कांस्टेबल है या फिर कोई अपराधी, जो पुलिस चेकिंग से बचने के लिए खाकी वर्दी का गलत इस्तेमाल कर रहा था।
- मामले की कमान सहायक उप निरीक्षक (ASI) शोभाराम को सौंपी गई है ताकि जल्द से जल्द आरोपी की पहचान की जा सके।