जमशेदपुर: झारखंड सरकार ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) और सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक (SP) को तत्काल प्रभाव से उनके पदों से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
सरकार के अनुसार, यह कार्रवाई संबंधित जिलों में विधि-व्यवस्था बनाए रखने में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं होने तथा आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में लापरवाही के मद्देनजर की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जनता की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थिति पर लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के लिए चाईबासा के आयुक्त और रांची के एडीजी को प्रभावित क्षेत्रों में कैंप कर प्रतिदिन कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, जमशेदपुर के डीआईजी को क्षेत्र में रहकर सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस कार्रवाई और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि राज्य में शांति, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सरकार के इस फैसले को पुलिस प्रशासन के लिए स्पष्ट चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी तथा किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं होगी।