पलामू: सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज (जीईसी) पलामू को झारखंड काउंसिल ऑन साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन (जेसीएसटीआई), रांची से एक साथ तीन अनुसंधान परियोजनाओं के लिए वित्तीय स्वीकृति मिली है। इसे संस्थान की महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि माना जा रहा है।
पहली परियोजना “कृषि एवं प्लास्टिक कचरे से ऊर्जा उत्पादन” विषय पर है, जिसके लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. अभिषेक शर्मा के नेतृत्व में ₹8 लाख का अनुदान स्वीकृत हुआ है। इसमें इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. मुरली मनोहर सह-अन्वेषक हैं। परियोजना का उद्देश्य कचरे से सतत ऊर्जा के समाधान विकसित करना है।
दूसरी परियोजना के तहत इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. दीपेश कुमार को झारखंड की कोयला खदानों में विद्युत उपकरणों के एआई आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस पर शोध के लिए ₹3 लाख की राशि मिली है।
वहीं कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. भावेश कुमार को ग्रामीण स्कूलों के विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक समस्याओं की प्रारंभिक पहचान हेतु कम लागत वाला स्मार्ट उपकरण विकसित करने के लिए ₹5.40 लाख का अनुदान स्वीकृत किया गया है।
प्राचार्य प्रो. संजय कुमार सिंह ने इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएँ राज्य के तकनीकी और सामाजिक विकास में सहायक होंगी।
संस्थान को लगातार मिल रहे शोध अनुदान जीईसी पलामू में मजबूत होते शोध वातावरण और शैक्षणिक उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।