रांची: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) सुर्खियों में है। भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने जेपीएससी सदस्य जमाल अहमद पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है और उनकी तत्काल बर्खास्तगी की मांग की है।
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि जमाल अहमद ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए आय से अधिक चल-अचल संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट फेसबुक पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति का इतने बड़े और जिम्मेदार पद पर बने रहना गंभीर सवाल खड़ा करता है।
एसीबी से निष्पक्ष जांच की मांग
बाबूलाल मरांडी ने अपनी पोस्ट में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) से जमाल अहमद के खिलाफ निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी अपील की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई की जाए।
जेपीएससी पेपर लीक मामले में पहले से चल रही है सीआईडी जांच
गौरतलब है कि जेपीएससी से जुड़ा यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है जब आयोग पहले से ही पेपर लीक और नौकरी में फर्जीवाड़े के आरोपों को लेकर विवादों में घिरा हुआ है। इस पूरे प्रकरण की जांच फिलहाल सीआईडी (क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में अब तक कई अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है, और उनसे पूछताछ जारी है। इसके साथ ही जेपीएससी अध्यक्ष से भी सीआईडी की टीम पूछताछ कर रही है, जिससे मामले की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
राजनीतिक हलकों में हलचल
बाबूलाल मरांडी के इस पत्र और सार्वजनिक बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष लगातार सरकार पर जेपीएससी में हो रही अनियमितताओं को लेकर हमलावर रहा है। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और जमाल अहमद के खिलाफ आगे की कार्रवाई किस दिशा में बढ़ती है।
यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। मामले से जुड़े आगे के घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही अपडेट की जाएगी।