झारखंड। महिला पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा में डिग्री को लेकर शुरू हुआ विवाद अब रामगढ़ स्थित राधा गोविंद विश्वविद्यालय (आरजीयू) तक पहुंच गया है। विश्वविद्यालय में महिला पर्यवेक्षक भर्ती के लिए चयनित 33 छात्राओं की डिग्री को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। साथ ही विश्वविद्यालय में नए दाखिलों पर भी रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से की गई है।
दरअसल, महिला पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा में डिग्री के इस्तेमाल को लेकर विवाद सामने आया था। जांच में भर्ती परीक्षा में शामिल 33 छात्राओं की डिग्री को लेकर सवाल उठे। इसके बाद विभाग ने विश्वविद्यालय से संबंधित मामले की जांच शुरू कराई।
सरकार की ओर से विश्वविद्यालय को 15 दिन का अल्टीमेटम देते हुए पूछा गया है कि संस्थान में नियमों के अनुरूप शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था क्यों नहीं सुनिश्चित की गई। विभाग ने विशेष वित्तीय ऑडिट कराने का भी निर्देश दिया है। ऑडिट रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को सौंपने को कहा गया है।
33 छात्राओं की डिग्री पर तत्काल प्रभाव से रोक
विभाग के निर्देश के अनुसार महिला पर्यवेक्षक पद पर चयनित 33 छात्राओं की स्नातक की डिग्री को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। जांच पूरी होने तक इन डिग्रियों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। सरकार ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मामले में स्पष्ट जवाब भी मांगा है।
नए दाखिले पर भी रोक
सरकार ने आरजीयू में नए विद्यार्थियों के दाखिले पर भी तत्काल रोक लगा दी है। पत्र जारी होने की तारीख से विश्वविद्यालय में किसी भी नए पाठ्यक्रम में नामांकन नहीं लिया जा सकेगा। यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक विश्वविद्यालय यह साबित नहीं करता कि उसने यूजीसी और राज्य सरकार के सभी नियमों का पालन सुनिश्चित कर लिया है।

30 दिन में विशेष ऑडिट
मामले में विश्वविद्यालय के पिछले वित्तीय वर्षों के रिकॉर्ड का विशेष ऑडिट कराने का आदेश दिया गया है। ऑडिट में विद्यार्थियों से लिए गए फीस स्ट्रक्चर, शुल्क-आमदनी, छात्रवृत्ति, वेतन भुगतान और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। ऑडिट रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर विभाग को सौंपनी होगी।
15 दिन में जवाब मांगा
सरकार ने विश्वविद्यालय को शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े सवालों पर 15 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। जवाब संतोषजनक नहीं होने की स्थिति में प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने गड़बड़ी से किया इनकार
वहीं, पूरे मामले पर आरजीयू प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय की ओर से नियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दावा किया कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जांच कराई जा रही है और संस्थान की ओर से जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी कहा कि छात्राओं की डिग्री स्थगित किए जाने और दाखिले पर रोक से जुड़े सरकारी निर्देशों के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है।