(रिपोर्ट – पंकज गिरी/ छिपादोहर)
छिपादोहर क्षेत्र में एम्बुलेंस सेवा की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। आरोप है कि छिपादोहर के लिए निर्धारित एम्बुलेंस अधिकांश समय बरवाडीह में खड़ी रहती है, जिसके कारण आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिल पा रही है।
बुधवार शाम छिपादोहर-बरवाडीह मुख्य मार्ग पर दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद ग्रामीणों ने कई बार एम्बुलेंस को कॉल किया, लेकिन वह मौके पर समय से नहीं पहुंच सकी। अंततः परिजनों और स्थानीय लोगों ने निजी वाहन की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पूर्व में भी कई दुर्घटनाओं के दौरान एम्बुलेंस समय पर उपलब्ध नहीं हो पाई, जिससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों के अनुसार, एम्बुलेंस चालक क्षेत्र का निवासी नहीं है और छिपादोहर में नहीं रहता, जिससे सेवा संचालन प्रभावित हो रहा है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।
मामले को लेकर सांसद प्रतिनिधि भीमानंद गिरि ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि छिपादोहर की एम्बुलेंस को यहीं स्थायी रूप से तैनात किया जाए और चालक की नियुक्ति भी स्थानीय स्तर पर की जाए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सेवा उपलब्ध हो सके।
वहीं, जिप सदस्य सह सांसद प्रतिनिधि कन्हाई सिंह ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि जब छिपादोहर के लिए एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध है, तो उसका लाभ लोगों को नहीं मिलना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे को ‘दिशा’ की बैठक में प्रमुखता से उठाया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी दुर्घटना के दौरान मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।