आदित्यपुर (जमशेदपुर): जियाडा परिसर के बाहर स्थित फास्ट फूड की दुकानों में मंगलवार को हुए खूनी संघर्ष और मानगो निवासी शेखर तिर्की की मौत के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। आदित्यपुर थाना पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मामले में संलिप्त दो महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान सालडीह निवासी मोहन बरुआ, ऋषभ बरुआ, मोहित बरुआ, ऋषिका बरुआ और मुक्ति बरुआ के रूप में हुई है।
खून से सने कपड़े और हथियार बरामद आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित छापेमारी की। पुलिस ने साक्ष्य के तौर पर वारदात में प्रयुक्त चाकू, लोहे का तवा, खून से सने कपड़े और अन्य सामान बरामद कर लिए हैं। थाने में सघन पूछताछ के बाद सभी पांचों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
ऑर्डर में देरी बनी विवाद की वजह जांच के अनुसार, मंगलवार को आरोपी जियाडा परिसर के बाहर खाऊ गली स्थित एक फास्ट फूड ठेले पर हाफ प्लेट चाउमीन और बोनलेस चिकन का ऑर्डर देकर खड़े थे। ऑर्डर मिलने में देरी होने पर आरोपियों ने ठेला संचालक से गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। आसपास के लोगों और दुकानदारों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने आपा खोते हुए पास रखे तवे और चाकू से हमला बोल दिया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल मानगो निवासी शेखर तिर्की की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि कुछ अन्य लोग भी घायल हुए हैं।
अवैध ठेलों पर पुलिस का एक्शन वारदात के बाद पुलिस-प्रशासन ने जियाडा परिसर के बाहर अतिक्रमण कर लगाए गए सभी अवैध फास्ट फूड ठेलों को हटवा दिया है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि क्षेत्र में दोबारा अवैध दुकानें या ठेले लगाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।