जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के प्रसिद्ध दलमा वन्यजीव अभयारण्य में पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। रविवार को मकुलाकोचा में निर्मित 15 आधुनिक इको-कॉटेज का उद्घाटन झारखंड सरकार के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने किया। इस परियोजना के शुरू होने से अब पर्यटक प्राकृतिक वातावरण के बीच आधुनिक सुविधाओं के साथ आरामदायक प्रवास का आनंद ले सकेंगे।
वन विभाग के अनुसार, इन इको-कॉटेज के संचालन से दलमा आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
दलमा वन प्रमंडल की डीएफओ सबा आलम अंसारी ने बताया कि पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक कॉटेज में वातानुकूलित (एसी) कमरे, कैफेटेरिया, आकर्षक लॉन, पर्याप्त पार्किंग, रंग-बिरंगे फव्वारे और गुणवत्तापूर्ण भोजन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि रात के समय रोशनी से सजे इन कॉटेज का नजारा बेहद आकर्षक दिखाई देता है, जिससे पर्यटकों का अनुभव और भी यादगार बनेगा।
डीएफओ ने बताया कि पिंड्राबेड़ा में भी 15 नए इको-कॉटेज का निर्माण अंतिम चरण में है। दोनों परियोजनाएं पूरी होने के बाद दलमा वन्यजीव अभयारण्य में पर्यटकों के ठहरने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही स्थानीय ग्रामीणों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
उन्होंने बताया कि इन इको-कॉटेज का निर्माण अनुमोदित वन्यजीव प्रबंधन योजना (2021-2030) के तहत अधिसूचित पर्यटन क्षेत्र में किया गया है। परियोजना का उद्देश्य नियंत्रित इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना तथा ईको-विकास समितियों से जुड़े लोगों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया कि इको-कॉटेज की संख्या दलमा अभयारण्य की वहन क्षमता और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए तय की गई है, ताकि पर्यटन गतिविधियों का वन्यजीवों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।