(रिपोर्ट – जैलेश)
पांकी (पलामू): पांकी थाना क्षेत्र के आसेहार पंचायत अंतर्गत कुसड़ी गांव की पुरानी बथान में डायन-बिसाही जैसे अंधविश्वास ने एक बार फिर खौफनाक रूप ले लिया। इस अमानवीय घटना में तीन लोगों की मौके पर ही निर्मम हत्या कर दी गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
अंधविश्वास से भड़की हिंसा
जानकारी के अनुसार, महेशी भुईया की हाल ही में हुई मृत्यु के बाद उनके पुत्र प्रमोद भुईया और रविन्द्र भुईया ने गांव के कुछ लोगों पर डायन-बिसाही कराने का आरोप लगाया। इसी आरोप-प्रत्यारोप और अंधविश्वास ने देखते ही देखते हिंसक झड़प का रूप ले लिया, जो जानलेवा साबित हुआ।
तीन लोगों की मौके पर हत्या
हिंसा के दौरान विजय भुईया (लगभग 45 वर्ष), उनकी पत्नी कलिया देवी (40 वर्ष) और 17 वर्षीय छोटू भुईया की बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
दो की हालत नाजुक
घटना में ममता कुमारी (14 वर्ष) और नीतू देवी (25 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को तत्काल पांकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
पुलिस की देरी पर उठे सवाल
घटना की सूचना के बावजूद करीब चार घंटे तक पांकी थाना पुलिस के मौके पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। बताया गया कि इस दौरान घटनास्थल पर केवल चौकीदार मौजूद रहा, जिससे पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अंधविश्वास उन्मूलन की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आज भी ओझा-गुणी और डायन-बिसाही जैसे अंधविश्वास गहराई से जड़े हुए हैं, जिसके कारण ऐसी घटनाएं बार-बार सामने आ रही हैं। घटना के बाद ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने और इलाके में अंधविश्वास के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।