महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है जिसने एलन मस्क की सैटेलाइट इंटरनेट कंपनी स्टारलिंक के साथ आधिकारिक रूप से साझेदारी की है। राज्य सरकार और स्टारलिंक के बीच हुए इस ऐतिहासिक समझौते का उद्देश्य दूरदराज और अविकसित क्षेत्रों तक हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट पहुंचाना।

स्टारलिंक और महाराष्ट्र की दृष्टि एक समान: ड्रेयर
स्टारलिंक की उपाध्यक्ष लॉरेन ड्रेयर ने कहा कि महाराष्ट्र की समावेशी और लचीली डिजिटल विकास की दृष्टि, स्टारलिंक के मिशन के साथ पूरी तरह मेल खाती है।
उन्होंने कहा:
“हम मिलकर दिखाना चाहते हैं कि सैटेलाइट इंटरनेट कैसे भारत के सबसे सुदूर इलाकों में स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं और समुदायों को सशक्त बना सकता है।”
साझेदारी से क्या मिलेगा महाराष्ट्र को ?
इस साझेदारी के साथ महाराष्ट्र अब सैटेलाइट-सक्षम डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में देश का नेतृत्व करेगा।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा—
“स्टारलिंक के साथ हाथ मिलाकर हम आखिरी डिजिटल अंतर को भी खत्म कर रहे हैं। अब हर गांव, हर स्कूल और हर स्वास्थ्य केंद्र तक इंटरनेट पहुंचेगा, चाहे वे कितने ही दूर हों। यह साझेदारी महाराष्ट्र को भविष्य के लिए तैयार बनाएगी।”
उन्होंने आगे कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया मिशन को जमीनी स्तर पर नई दिशा देगा और अन्य राज्यों के लिए एक मानक स्थापित करेगा।
इस परियोजना का पहला चरण गढ़चिरौली, नंदुरबार, Washim और धाराशिव जैसे आदिवासी और पिछड़े जिलों में लागू होगा।
स्टारलिंक को DoT से लाइसेंस
भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने जून में स्टारलिंक को ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट (GMPCS) लाइसेंस जारी किया था, जब कंपनी ने सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर लिया।
स्टारलिंक अब देश में यह लाइसेंस प्राप्त करने वाली तीसरी कंपनी बन गई है—
- वनवेब (यूटेलसैट)
- रिलायंस जियो
- स्टारलिंक
जुलाई में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पुष्टि की थी कि एलन मस्क की कंपनी को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने की अनुमति मिल गई है।
टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने इस वर्ष फरवरी में अमेरिका यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। इसी मुलाकात में स्टारलिंक की भारत लॉन्च योजना और सुरक्षा शर्तों को लेकर चर्चा हुई थी।