लातेहार जिले के महुआडांड़ स्थित छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे ओरसा घाटी में आज एक भीषण सड़क हादसा हुआ है। यहां यात्रियों से भरी एक बस अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है जबकि लगभग 35 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों का इलाज गुमला, रांची और छत्तीसगढ़ में किया जा रहा है। कुछ घायलों का इलाज महुआडांड़ स्थित अनुमंडलीय अस्पताल में भी किया जा रहा है। घटनास्थल पर राहत कार्य करते हुए महुआडांड़ पुलिस ने सभी को रेस्क्यू कर लिया है और फिलहाल घायलों का इलाज किया जा रहा है। इस घटना में मृतकों में रेशांति देवी उम्र 35 वर्ष पति विनोद राम ग्राम पीपर सोत थाना बलरामपुर, प्रेमा देवी 37 पति चुहरू राम, सीता देवी 45 वर्ष पति बीगा राम, सुखना भुईयां उम्र 40 वर्ष पिता सत्ता भुईयां, सोनामति देवी उम्र 45 वर्ष पति बाबूलाल नायक (बलरामपुर ) और विजय सिंह, पिता कुंता सिंह 32 वर्ष बलरामपुर का नाम शामिल हैं

महुआडांड़ पुलिस के साथ छत्तीसगढ़ पुलिस भी कर रही सहयोग
घटना की सूचना मिलते ही तत्परता दिखाते हुए महुआडांड़ के एसडीएम विपिन कुमार दुबे और डीएसपी शिवपूजन बहेरिया दल बल के साथ पहुंचे। घायलों को रेस्क्यू करने में महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार और उनकी टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं घटना को देखते हुए छत्तीसगढ़ कुसमी के एडीएम चारुण बहेरिया भी टीम के साथ हरसंभव मदद कर रहे हैं।

जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से लोध गांव लोटा पानी के लिए जा रही यात्री बस अनियंत्रित होकर घाटी में पलट गई। मृतकों में अधिकतर छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के निवासी बताए गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बस (वाहन संख्या CG 15 AB 0564) में करीब 90 से अधिक यात्री सवार थे। चालक विकास पाठक ने बताया कि अचानक ब्रेक फेल हो जाने से बस पर नियंत्रण नहीं रह सका और वह घाटी में पलट गई। हादसे के बाद कई यात्री घंटों बस के नीचे दबे रहे। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत अधिकांश यात्रियों को सिर, हाथ-पैर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं।

घटना की सूचना मिलते ही ओरसा गांव के ग्रामीणों ने मुखिया अमृता देवी के नेतृत्व में तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू किया। सलमान अहमद, पीतांबर यादव, रहमान अहमद, पप्पू यादव, रामप्रसाद यादव, मुकेश नगेसिया, विकेश नगेसिया, संदीप प्रसाद, सतेंद्र नगेसिया समेत अन्य युवकों ने घायलों को बस से निकालकर एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

घायलों को महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और कार्मेल अस्पताल भेजा गया। जानकारी के अनुसार, 60 घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तथा 27 का इलाज कार्मेल अस्पताल में चल रहा है। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक डॉ. अमित खलखो ने 32 गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया है।
हादसे की खबर मिलते ही एसडीएम विपिन कुमार दुबे मौके पर पहुंचे और राहत कार्य का नेतृत्व किया। उन्होंने आसपास के प्रखंडों, गुमला तथा सीमावर्ती छत्तीसगढ़ से भी चिकित्सीय सहायता और एंबुलेंस मंगवाई। गुमला से करीब 11 एंबुलेंस भेजे जाने की सूचना है। एसडीएम ने आम लोगों से घायलों की मदद के लिए आगे आने और कंबल उपलब्ध कराने की अपील की।
इस दौरान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शिवपूजन बहेलिया, भाजपा सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल, कांग्रेस प्रखंड युवा अध्यक्ष आमिर सोहेल, उपप्रमुख अभय मिंज, कांग्रेस मंडल अध्यक्ष नूरुल हसन अंसारी, जेएमएम युवा जिला सचिव परवेज आलम समेत कई जनप्रतिनिधि अस्पताल पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया। कांग्रेस नेताओं की ओर से 40 कंबल भी उपलब्ध कराए गए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ओरसा घाटी और चम्पा घाटी सड़क पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। उनका आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान घाटी की पर्याप्त कटाई नहीं की गई, जिससे सड़क अत्यधिक ढलान वाली हो गई है। यही कारण है कि यहां बार-बार बड़े हादसे हो रहे हैं।