पलामू जिले के डंडार स्थित मजदूर किसान इंटरमीडिएट कॉलेज के लगभग 400 छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। इन छात्रों ने कॉलेज में 11वीं कक्षा में नामांकन तो ले लिया, लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया। रजिस्ट्रेशन न होने के कारण इन छात्रों को 11वीं कक्षा की परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड नहीं मिल सका है, जिससे वे आगामी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कॉलेज प्रबंधन द्वारा निर्धारित सीटों से अधिक छात्रों का नामांकन ले लिया गया था। इसी वजह से झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा सभी छात्रों का रजिस्ट्रेशन स्वीकृत नहीं किया गया।
मामले पर सफाई देते हुए कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य अवध बिहारी सिंह ने बताया कि नामांकन के बाद सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए जैक में आवेदन दिया गया था। आवेदन के क्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा कॉलेज का निरीक्षण भी किया गया, लेकिन सीटों की संख्या नहीं बढ़ाई गई। इसके परिणामस्वरूप करीब 400 छात्रों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय में जैक से बातचीत चल रही है और संभव है कि छात्रों के लिए वैकल्पिक परीक्षा आयोजित करने को लेकर जल्द कोई निर्णय लिया जाए।
वहीं, इस पूरे मामले को लेकर द मॉर्निंग प्रेस ने पलामू के जिला शिक्षा पदाधिकारी से बातचीत की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इसमें विभाग कुछ नहीं कर सकता, क्योंकि पूरी गलती कॉलेज प्रबंधन की है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने कहा कि कॉलेज को जितनी सीटें आवंटित की गई थीं, उससे अधिक छात्रों का नामांकन लेना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी भी कॉलेज में सीटों का निर्धारण शिक्षकों की संख्या और उपलब्ध बुनियादी ढांचे के आधार पर किया जाता है। यदि कॉलेज सीटें बढ़वाना चाहता है, तो पहले शिक्षकों की संख्या बढ़ानी होगी।
इस मामले पर पलामू के जिला उपायुक्त से भी संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनके फोन पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
गौरतलब है कि 11वीं कक्षा की परीक्षा 25 फरवरी से शुरू होने वाली है। ऐसे में सैकड़ों छात्र मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। छात्रों का एक पूरा शैक्षणिक वर्ष बर्बाद होने की कगार पर है, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इस गंभीर समस्या की जिम्मेदारी लेने को कोई भी तैयार नहीं दिख रहा है।