रिपोर्ट: नंद किशोर मंडल, पाकुड़
पाकुड़: जिला मुख्यालय स्थित बाजार समिति सभागार में शुक्रवार को दुर्गापूजा, काली पूजा और छठ पूजा–2025 के शांतिपूर्ण एवं सफल आयोजन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा भव्य पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर की पूजा समितियाँ, सामाजिक संगठन, अधिकारी और मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम का केंद्र रहा उपायुक्त मनीष कुमार का नेतृत्व, जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हुई। उनके सतत फील्ड निरीक्षण, पंडालों की मॉनिटरिंग, सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर और प्रभावी टीम वर्क के चलते डेढ़ महीने तक चले इस महापर्व की सभी तैयारियाँ अनुशासित और बेदाग़ तरीके से संपन्न हुईं।
उपायुक्त की कार्यशैली बनी चर्चा का विषय
समारोह में संबोधित करते हुए डीसी मनीष कुमार ने कहा, “पूरे पाकुड़ ने समन्वय, अनुशासन और सौहार्द्र की अद्भुत मिसाल पेश की है। प्रशास, पुलिस, मजिस्ट्रेट, स्वयंसेवकों—सभी ने मिलकर त्योहारों को सुरक्षित और भव्य बनाने में सहयोग दिया।”
उन्होंने पूर्व पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार का विशेष धन्यवाद करते हुए वर्तमान एसपी श्रीमती निधि द्विवेदी के मार्गदर्शन की भी सराहना की। साथ ही पुलिस बल, नव-नियुक्त चौकीदारों, स्वयंसेवकों, कलाकारों और शांति समिति सदस्यों को ‘पाकुड़ की संयुक्त सफलता’ का हिस्सा बताते हुए आभार व्यक्त किया।
थीम आधारित पंडालों को मिली विशेष सराहना
उपायुक्त ने उन पूजा समितियों की प्रशंसा की जिन्होंने रक्तदान, नारी सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता जैसे सामाजिक संदेशों को थीम में शामिल किया। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप के सफल आयोजन को भी मंच से सराहा गया।
अधिकारियों की टीम भी रही सक्रिय
समारोह में उप विकास आयुक्त महेश कुमार संथालिया, आईटीडीए परियोजना निदेशक अरुण कुमार एक्का, अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, एसडीओ साईमन मरांडी, विशेष कार्य पदाधिकारी त्रिभुवन कुमार सिंह और नगर परिषद प्रशासक अमरेन्द्र कुमार चौधरी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने स्तर पर किए गए शांतिपूर्ण प्रबंधन की जानकारी साझा की।
पूजा समितियों और समाजसेवियों को सम्मान
दुर्गापूजा, काली पूजा और छठ पूजा—तीनों पर्वों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पंडालों, आयोजन समितियों और समाजसेवियों को शॉल, मोमेंटो व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। बड़ी, मध्यम और छोटी श्रेणियों में चयनित दर्जनों पंडालों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया।
प्रशासनिक प्रबंधन बना ‘पाकुड़ मॉडल’
इस वर्ष जिला प्रशासन का कार्यप्रणाली मॉडल विशेष रूप से चर्चा में रहा—
- लगातार पंडाल निरीक्षण
- प्रभावी भीड़ प्रबंधन
- सख्त सुरक्षा व्यवस्था
- मजिस्ट्रेटों की चौबीसों घंटे तैनाती
- सोशल मीडिया मॉनिटरिंग
- हर आयोजन पर प्रशासन की सीधी निगरानी
इन सभी प्रयासों के कारण दुर्गापूजा से लेकर छठ पूजा तक सभी पर्व शान्ति, आस्था और अनुशासन के माहौल में सम्पन्न हुए।
समारोह का सार
यह आयोजन न केवल पूजा समितियों के सम्मान का मंच बना, बल्कि पाकुड़ जिले की अनुशासित सामाजिक संस्कृति और उपायुक्त मनीष कुमार की दूरदर्शी एवं संवेदनशील नेतृत्व क्षमता का एक मजबूत प्रमाण भी साबित हुआ।