पलामू जिले के तरहसी प्रखंड अंतर्गत स्थित श्रीकेदाल गांव इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति के रंग में पूरी तरह डूबा हुआ है। यहां बाबा श्री केदारनाथ के पावन प्रांगण में मां शतचंडी महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसने पूरे इलाके को धार्मिक उल्लास और श्रद्धा से भर दिया है। यह महायज्ञ न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टि से भी लोगों को एकजुट करने का कार्य कर रहा है।
महायज्ञ का शुभारंभ अत्यंत भव्य और पारंपरिक तरीके से किया गया। इसकी शुरुआत सुबह निकली एक विशाल जल यात्रा से हुई, जिसमें गांव और आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस जल यात्रा में गौतम सिंह उर्फ डब्लू सिंह, राजू तिर्की, रिंकू मेहता सहित कई गणमान्य लोग भी शामिल हुए। यात्रा गांव की गलियों से गुजरते हुए झालखंडी धाम स्थित अमानत नदी तक पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान के साथ जल संग्रह किया। “जय माता दी” के जयघोष से गूंजते माहौल ने हर किसी के मन में भक्ति का भाव जागृत कर दिया।
अमानत नदी से लाए गए पवित्र जल के साथ जब श्रद्धालु यज्ञ स्थल पर लौटे, तब वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ महायज्ञ का विधिवत आरंभ हुआ। इस दौरान पूरे परिसर में एक अद्भुत आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला, जहां हर कोई मां शतचंडी की भक्ति में लीन नजर आया।



इस महायज्ञ की सबसे विशेष और आकर्षक बात उज्जैन की महाकाल नगरी से आए नागा साधु-संतों की उपस्थिति है। इन साधुओं की तपस्या, त्याग और वैराग्य का स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए एक अलग ही अनुभव प्रस्तुत कर रहा है। नागा साधुओं की रहस्यमयी जीवनशैली और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए लोग दूर-दूर से यहां पहुंच रहे हैं। उनकी उपस्थिति ने पूरे आयोजन को एक दिव्य और अलौकिक स्वरूप प्रदान किया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत मिथिला क्षेत्र से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत झांकियां भी इस आयोजन का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं। इन झांकियों में देवी-देवताओं के विभिन्न रूपों का सजीव चित्रण किया गया है, जिसे देखकर ऐसा प्रतीत होता है मानो देव लोक स्वयं धरती पर अवतरित हो गया हो। कलाकारों की प्रस्तुति ने न केवल लोगों का मन मोह लिया है, बल्कि धार्मिक भावनाओं को भी गहराई से स्पर्श किया है।
आध्यात्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में कथा प्रवचनों का आयोजन भी किया जा रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। अयोध्या से पधारे प्रसिद्ध राम कथा वाचक पंडित मधुसूदन शास्त्री अपनी मधुर वाणी में राम कथा का रसपान करा रहे हैं। उनकी कथा में उपस्थित श्रद्धालु पूरी तन्मयता के साथ भगवान राम के जीवन प्रसंगों को सुनते हुए भाव-विभोर हो उठते हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश से आईं कथावाचक पूजा गोस्वामी भी अपने प्रवचनों के माध्यम से भक्ति की धारा प्रवाहित कर रही हैं। उनके शब्दों में इतनी शक्ति है कि श्रोताओं का मन सहज ही ईश्वर की भक्ति में डूब जाता है।
यह महायज्ञ 11 अप्रैल से शुरू होकर 17 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान हर दिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आसपास के गांवों से लगातार श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, जिससे श्रीकेदाल गांव एक बड़े आध्यात्मिक केंद्र में परिवर्तित हो गया है।
गांव में मेले जैसा दृश्य देखने को मिल रहा है। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और भोजन की व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति द्वारा सभी आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। कुल मिलाकर, श्रीकेदाल गांव में आयोजित यह शतचंडी महायज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। यहां आने वाला हर व्यक्ति अपने भीतर एक अलग ही शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कर रहा है।