(रिपोर्ट – कुणाल कुमार,जमशेदपुर)
कोई भी तकनीक न तो रोजगार खत्म करती है और न ही अवसरों को सीमित करती है। जिस तरह कैलकुलेटर या कंप्यूटर ने गणित शिक्षकों की नौकरी नहीं छीनी, बल्कि उनके कार्य को सरल और व्यापक बनाया, उसी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भी मानव बुद्धि का विकल्प नहीं, बल्कि उसे और सशक्त बनाने का माध्यम है। यह विचार प्रसिद्ध साहित्यकार एवं लेखक नीलोत्पल मृणाल ने स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय युवा जागरूकता कार्यक्रम में व्यक्त किए।
सामाजिक संस्था आरम्भ और ई-डिजिटल इंडिया स्किल डेवलपमेंट इंस्टिट्यूट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का विषय “एआई और आज का युवा” रहा। मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए नीलोत्पल मृणाल ने कहा कि यदि आज का युवा तकनीक, विशेषकर एआई को मानवीय मूल्यों, संवेदनशीलता और रचनात्मक सोच के साथ अपनाता है, तो वह समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने युवाओं से पुस्तकों, विचारों और तकनीक—तीनों से जुड़े रहने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में एलबीएसएम कॉलेज के डॉ. दीपंजय श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में युवाओं से स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को आत्मसात करने की अपील की। वहीं एनआईटी के प्रो. कौशलेन्द्र, अखिल भारतीय साहित्य परिषद के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार सिंह, ई-डिजिटल इंडिया के राम कृष्ण ठाकुर, संस्था आरम्भ के सचिव कुणाल कुमार सहित स्वेता कुमारी, अमित सिंह, दिव्या सिंह, धीरज कुमार, प्रेम दीक्षित और रंजना ठाकुर उपस्थित रहे। शिक्षा जगत से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान देने वाले सभी अतिथियों, शिक्षा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों और संस्थान के स्टाफ सदस्यों के प्रति आरम्भ टीम एवं ई-डिजिटल इंडिया की ओर से आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का संचालन विकास श्रीवास्तव ने किया।
यह आयोजन युवाओं को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सार्थक और प्रेरणादायी पहल साबित हुआ।