लेस्लीगंज (पलामू) : रेवारातू पंचायत के कौटया, सप्तमी (सतनी) और लकड़ाही इलाके में बुधवार को जंगल-पहाड़ बचाओ आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया। तीन साल से माइंस लीज के विरोध में डटे ग्रामीणों और पुलिस के बीच अचानक झड़प हो गई। पुलिस सुरक्षा में कंपनी द्वारा खनन कार्य शुरू किए जाने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तनाव फैल गया।

रिपोर्ट के अनुसार, ‘कौटया, सतनी, लकड़ाही जंगल-पहाड़ बचाव संघर्ष समिति’ के बैनर तले ग्रामीण 2022 से लीज कार्य का विरोध कर रहे थे। बुधवार सुबह श्री विनायक कंस्ट्रक्शन कंपनी ने प्रशासनिक सुरक्षा में साइट पर निर्माण और इंस्टॉलेशन का काम शुरू किया। इस पर ग्रामीणों ने विरोध जताया तो पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के महिलाओं और बुजुर्गों पर लाठियां बरसाईं, जिसमें एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। वहीं पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने लाठी-डंडे और टांगी से हमला किया, जिसमें चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों में एएसआई सचितानंद शर्मा, हवलदार महेंद्र दुबे, आरक्षी अवधेश पासवान और चौकीदार चैतू पासवान शामिल हैं। सभी को इलाज के लिए एमएमसीएच मेदिनीनगर रेफर किया गया है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और 11 महिलाओं तथा 3 पुरुषों को हिरासत में लिया है।
ग्रामीणों का आरोप: फर्जी ग्रामसभा पर दी गई लीज
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि जिस ग्रामसभा के नाम पर माइंस की लीज जारी की गई, वह फर्जी है। असली ग्रामसभा में कभी भी लीज देने का प्रस्ताव पारित नहीं हुआ। उन्होंने फॉरेस्ट राइट्स एक्ट और पेसा कानून का हवाला देते हुए कहा कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना कोई भी खनन कार्य अवैध है।

कंपनी और प्रशासन का पक्ष
कंपनी ने कहा है कि उसके पास सभी वैध दस्तावेज हैं और कार्य पूरी तरह नियमों के तहत हो रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था में बाधा डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संघर्ष जारी रहेगा
संघर्ष समिति के अध्यक्ष शिवराज सिंह और सदस्य विकास मोची ने कहा कि जंगल-पहाड़ बचाने की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अब कानूनी स्तर पर भी लड़ा जाएगा क्योंकि यह केवल जमीन नहीं, बल्कि जीवन का सवाल है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ ग्रामीणों का मानना है कि माइंस लगने से क्षेत्र में रोजगार और विकास के अवसर बढ़ेंगे। खबर लिखे जाने तक स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव बरकरार है।
(पलामू से जैलेश की रिपोर्ट)