लेस्लीगंज थाना क्षेत्र में इन दिनों शीतलहर ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार गिरते तापमान के बीच ठंड से बचने के लिए लोग सड़कों के किनारे, चौक-चौराहों और बस्तियों में कूड़ा-करकट व लकड़ियां जलाकर किसी तरह रात काटने को मजबूर हैं। हैरानी की बात यह है कि अब तक प्रशासन की ओर से न तो अलाव की व्यवस्था की गई है और न ही जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष ठंड के मौसम में प्रशासन द्वारा अलाव जलाने और गरीब, असहाय लोगों को कंबल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाती रही है, लेकिन इस बार सरकार और संबंधित विभागों की उदासीनता साफ नजर आ रही है। ठंड बढ़ने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे सरकारी लापरवाही और नौकरशाही की निष्क्रियता उजागर होती है।
सबसे अधिक परेशानी मजदूरों, फुटपाथ पर रहने वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है। रात के समय तापमान अत्यधिक गिर जाने से ठंड असहनीय हो जाती है, जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। कई लोग सर्दी, खांसी और बुखार जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं।
क्षेत्र के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सार्वजनिक स्थानों पर शीघ्र अलाव की व्यवस्था की जाए और जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण सुनिश्चित किया जाए। लोगों का कहना है कि ठंड से बचाव के लिए आवश्यक इंतजाम करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन अब तक किसी तरह की सहायता न मिलने से आम जनता में रोष बढ़ता जा रहा है।
यदि जल्द ही ठंड से राहत के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। ऐसे में प्रशासन को चाहिए कि वह संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल प्रभाव से आवश्यक व्यवस्थाएं करे, ताकि लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत मिल सके।