प्रखंड क्षेत्र में खाद की कालाबाजारी को लेकर किसानों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। सोमवार सुबह टरिया पंचायत के टीरवा गांव स्थित नवल किशोर पांडे खाद बीज भंडार के सामने सैकड़ों किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि पिछले तीन दिनों से उन्हें खाद देने का सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा था, जबकि रात के अंधेरे में दुकान से मनमाने दाम पर खाद बेचा जा रहा है।
किसानों ने बताया कि दुकान में लगभग 80 बोरी खाद मौजूद थीं, जिनमें से करीब 20 बोरी दिन में 400–500 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची गईं। वहीं रविवार की देर रात करीब 2 बजे से सुबह 5 बजे तक लगभग 40 पैकेट खाद ब्लैक में बेचे गए। इसकी भनक लगते ही सोमवार सुबह बड़ी संख्या में किसान दुकान पर जुट गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शनकारी किसान उपेंद्र यादव ने कहा, “रात के अंधेरे में खाद बेचना पूरी तरह गैर-कानूनी है। यदि तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो हम जिला मुख्यालय तक आंदोलन करेंगे।” किसान मनोज पासवान ने बताया कि वे रात 4 बजे दुकान पहुंचे तो देखा कि एक व्यक्ति खाद लेकर गिर पड़ा है, बावजूद इसके बिक्री जारी रही।
इस बीच भाकपा माले के अखिल भारतीय महासभा सदस्य दिनेश्वर सिंह ने मांग की कि सरकार तुरंत ऐसे दुकानदारों पर रोक लगाए, अन्यथा किसानों का गुस्सा और भड़क सकता है। प्रदर्शन में वीरेंद्र कुमार सिंह, रामलखन राम, प्रसाद मिस्त्री, प्रदीप यादव, अशोक सिंह, अरुण सिंह, नंदलाल साहू, विकास यादव, विनोद मिस्त्री सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।
दुकानदार नवल किशोर पांडे से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनके परिजनों ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। वहीं प्रखंड कृषि पदाधिकारी निलेश रंजन तिवारी ने माना कि “रात में खाद बेचना अवैध है। मामले की जांच की जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई अवश्य होगी।”
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द कठोर कदम नहीं उठाए, तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
तरहसी से जैलेश की रिपोर्ट