राजधानी दिल्ली से सटे फ़रीदाबाद में भारी मात्रा में विस्फोटक और गोला-बारूद बरामद होने के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने गंभीर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एएनआई से कहा, “यह मुंबई ब्लास्ट से भी ज्यादा ख़तरनाक हो सकता था.
गिरिराज सिंह ने संभावित खतरे को रेखांकित करते हुए कहा, “बाबा बागेश्वर की यात्रा भी बड़े जनसमूह के साथ चल रही है. अगर उस पर हमला हो जाता तो क्या होता? सवाल यह उठता है कि जब भी ऐसे मामलों में कोई पकड़ा जाता है, वह एक ही समुदाय से होता है, हमेशा मुसलमान. इस मामले में भी एक डॉक्टर पकड़ा गया है.”
उन्होंने इसे ग़ज़वा-ए-हिंद की साज़िश बताने की आशंका भी जताई और कहा कि यह कोई छोटी घटना नहीं है, लोगों को इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है।
भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद
फ़रीदाबाद के धौज गांव स्थित एक किराए के मकान से पुलिस ने लगभग 360 किलोग्राम विस्फोटक, एक असॉल्ट राइफल और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है। बरामदगी में टाइमर, 5 लीटर रासायनिक घोल और कुल 48 ऐसे उपकरण शामिल हैं जिनका उपयोग आईईडी बनाने में किया जा सकता था।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, यह कार्रवाई जम्मू-कश्मीर पुलिस और आईबी की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर की। फरीदाबाद में जिस कमरे से 360 किलोग्राम से ज्यादा विस्फोटक और हथियार मिले हैं, वहां आस-पड़ोस में किसी को इसकी भनक भी नहीं लगी. सूत्रों ने बताया कि जिस कमरे से विस्फोटक बरामद हुए हैं, उसमें कोई रहता नहीं था. ये कमरा सिर्फ सामान रखने के लिए किराए पर लिया गया था.
फ़रीदाबाद पुलिस कमिश्नर का बयान
पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि जांच के दौरान एके-47 जैसी दिखने वाली असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन, 83 लाइव राउंड, एक पिस्टल, आठ बड़े सूटकेस, चार छोटे सूटकेस और एक बाल्टी बरामद की गई है।
उन्होंने बताया कि करीब 360 किलो ज्वलनशील सामग्री, जो संभवतः अमोनियम नाइट्रेट हो सकती है, 20 टाइमर, 24 रिमोट, भारी धातु, वॉकी-टॉकी सेट, तार, बैटरियां और अन्य प्रतिबंधित सामग्री भी मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बरामद सामग्री आरडीएक्स नहीं है।
पुलिस के अनुसार, यह हरियाणा पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन है, जो अभी जारी है। इस संबंध में एक आरोपी डॉ. मुजम्मिल को गिरफ्तार किया गया है, जो यहां अल-फला यूनिवर्सिटी में शिक्षण कार्य करता था।