हजारीबाग पुलिस कार्यालय से जुड़े करीब 30 करोड़ रुपये के फर्जी निकासी घोटाले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड एक सिपाही है, जिसने सरकारी धन की हेराफेरी कर बिहार और झारखंड में करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली। जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी सिपाही शंभू कुमार ने न सिर्फ फर्जी तरीके से रकम निकाली, बल्कि उस पैसे को सुनियोजित तरीके से अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर निवेश भी किया। गया के एक पॉश इलाके में उसने आलीशान बहुमंजिला मकान बनवाया है। इसके अलावा रांची, हजारीबाग और बिहार के अन्य हिस्सों में भी जमीन और संपत्ति खरीदने की जानकारी सामने आई है।
जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी लंबे समय से पुलिस कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में पदस्थापित था। इसी का फायदा उठाकर उसने सिस्टम की खामियों को समझा और फर्जी बिलिंग, टेम्प पे आईडी और अन्य तकनीकी तरीकों के जरिए सरकारी खातों से पैसे निकालने का तरीका विकसित किया। शुरू में यह काम सीमित स्तर पर किया गया, लेकिन बाद में इसे बड़े स्तर पर फैलाया गया।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने इस फर्जीवाड़े को अकेले शुरू किया था, लेकिन धीरे-धीरे उसने अपने कुछ भरोसेमंद लोगों को इसमें शामिल कर लिया। एक संगठित नेटवर्क तैयार किया गया, जिसमें कम से कम तीन मुख्य लोग सक्रिय रूप से शामिल थे। ये लोग मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार करते, भुगतान की प्रक्रिया को अंजाम देते और फिर रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देते थे, ताकि शक न हो।
जांच एजेंसियों को इस पूरे घोटाले का सुराग तब मिला जब संबंधित कर्मचारियों की जीवनशैली में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिला। महंगी गाड़ियां, आलीशान मकान और खर्चीली जीवनशैली ने अधिकारियों का ध्यान खींचा। इसके बाद जब खातों की गहराई से जांच की गई, तो करोड़ों रुपये की अनियमित निकासी का मामला सामने आया। अब तक इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिनमें तीन पुलिसकर्मी और दो उनके परिजन शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं, जिसके आधार पर जांच का दायरा और बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस घोटाले में और भी लोगों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता। अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। साथ ही, पूरे सिस्टम की समीक्षा कर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही जा रही है। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।