एम.के. डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, डालटनगंज में सिख धर्म के संस्थापक श्री गुरु नानक देव जी की जयंती श्रद्धा और उत्साहपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय की प्रातःकालीन प्रार्थना सभा पूरी तरह गुरु नानक देव जी को समर्पित रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती इंद्राणी चटर्जी ने वरिष्ठ शिक्षकों के साथ गुरु नानक देव जी के चित्र पर दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि अर्पित कर किया। तत्पश्चात शिक्षिका श्रीमती नीतू, कक्षा 12 की छात्रा अमृत कौर और कक्षा 7 की छात्रा हरगुन कौर ने जपजी साहिब का संक्षिप्त पाठ कर विद्यार्थियों को गुरु नानक देव जी के उपदेशों और विचारों से अवगत कराया। इसके बाद कक्षा 11 के छात्र वैभव ने उनके जीवन दर्शन, शिक्षाओं और समाज सुधार में उनके योगदान पर प्रेरक भाषण दिया।
प्राचार्य श्रीमती इंद्राणी चटर्जी ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु नानक देव जी समाज के सच्चे पथप्रदर्शक थे। उन्होंने एक ओंकार के सिद्धांत के माध्यम से समानता और एकता का संदेश दिया। उन्होंने समाज में प्रचलित अनेक कुरीतियों, लैंगिक भेदभाव और सामाजिक असमानताओं को दूर करने का मार्ग दिखाया। प्राचार्य ने गुरु नानक देव जी के तीन सिद्धांत — नाम जपो, कीरत करो और वंड छको — की व्याख्या करते हुए विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का संचालन कक्षा 9 ‘अ’ के छात्र यशस्वी उमंग ने किया। मंच पर शिक्षक श्री जितेंद्र तिवारी, श्री विक्रम रॉय, श्री अनंत पाठक और सुश्री अनुश्री चक्रवर्ती उपस्थित थे। कार्यक्रम के संयोजक शिक्षक श्री कन्हैया राय थे।