रिपोर्ट- जैलेश
खेतों से धान काट चुके किसान जब इसे बेचने जाते हैं, तो उन्हें निराश होना पड़ रहा है। सरकार द्वारा धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹24.69 प्रति किलो (₹2,469 प्रति क्विंटल) तय किया गया है, लेकिन झारखंड में अब तक पैक्स (PACS) स्तर पर धान क्रय केंद्र नहीं खोले गए, जिसके कारण बाजार में बिचौलियों की चांदी कट रही है। किसान मजबूरीवश ₹14–₹15 प्रति किलो (₹1,400–₹1,500 प्रति क्विंटल) की दर पर अपना धान बेचने को विवश हैं।
दिसंबर का पहला पखवाड़ा समाप्त होने को है, लेकिन झारखंड में अभी तक धान खरीद केंद्र खोलने की तारीख भी घोषित नहीं हुई है। किसानों के सामने अगली फसल बोना, खाद–बीज खरीदना, बच्चों की पढ़ाई, घर की दवाई और दैनंदिन खर्च की जिम्मेदारी है। इसलिए वे MSP के इंतज़ार में रहने की स्थिति में नहीं हैं।
अन्य राज्यों में समय पर खरीद, किसानों को समय पर भुगतान, झारखंड पूरी तरह पीछे
झारखंड में जहां दिसंबर तक खरीद शुरू नहीं हुई है, वहीं पड़ोसी और अन्य राज्यों में स्थिति इसके उलट है:
विभिन्न राज्यों में PACS / धान खरीद केंद्र खुलने की तिथि एवं बोनस (प्रति किलो)
| राज्य | खरीद शुरू होने की तिथि | MSP/क्विंटल | राज्य सरकार का बोनस (प्रति किलो) | कुल लाभ (प्रति क्विंटल) |
|---|---|---|---|---|
| छत्तीसगढ़ | 15 नवंबर | ₹2,469 | ₹7.31 | ₹3,200 |
| उड़ीसा (ओडिशा) | नवंबर | ₹2,469 | ₹8.00 | ₹3,269 |
| असम | अक्टूबर | ₹2,619 | ₹2.50 | ₹2,869 |
| केरल | अक्टूबर | ₹2,869 | ₹5.00 | ₹3,369 |
| पश्चिम बंगाल | अक्टूबर | ₹2,389 | 0 | ₹2,389 |
| उत्तर प्रदेश | अक्टूबर | ₹2,369 | 0 | ₹2,369 |
| झारखंड | दिसंबर (अब तक शुरू नहीं) | ₹2,369 (केंद्र) | ₹1.00 | ₹2,469 |
इन राज्यों में 48–72 घंटे के भीतर किसान के खाते में भुगतान हो जाता है, जिससे बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं रह जाती। लेकिन झारखंड में देरी, भुगतान की अनिश्चितता और न्यूनतम बोनस ने किसानों की स्थिति और अधिक खराब कर दी है।
टॉप 5 राज्य जिनमें धान पर सबसे अधिक MSP/लाभ मिलता है
- केरल – ₹2,869 + ₹5 (बोनस) = ₹3,369 प्रति क्विंटल
- उड़ीसा – ₹2,469 + ₹8 = ₹3,269 प्रति क्विंटल
- छत्तीसगढ़ – ₹2,469 + ₹7.31 = ₹3,200 प्रति क्विंटल
- असम – ₹2,619 + ₹2.50 = ₹2,869 प्रति क्विंटल
- पश्चिम बंगाल – ₹2,389 प्रति क्विंटल
टॉप 5 राज्य जहाँ किसानों को सबसे कम लाभ मिलता है
- उत्तर प्रदेश – ₹2,369 प्रति क्विंटल
- झारखंड – ₹2,469 प्रति क्विंटल (सिर्फ ₹1 बोनस)
- हरियाणा – ₹2,183 (कुछ श्रेणियों में)
- बिहार – कोई राज्य बोनस नहीं, MSP पर देरी
- तमिलनाडु – औसत ₹2,349–₹2,369 (कम बोनस नीति)
झारखंड के किसानों का दर्द, धान नहीं, अरमान बिक रहे
पहाड़ी कला के किसान ब्रह्मदेव सिंह बताते हैं कि उन्हें अधूरे घर का निर्माण पूरा करना है और खेत में अगली फसल भी बोनी है, लेकिन अभी तक सरकार ने खरीद केंद्र खोला ही नहीं है। उनका सवाल है:
“यदि सरकार खरीद शुरू ही नहीं करेगी, तो हम अगली फसल कैसे लगाएंगे?”
इसी तरह सुरेश सिंह ने 120 क्विंटल धान उपजाया। दिसंबर में उनकी बेटी की शादी है। 100 क्विंटल का रजिस्ट्रेशन भी है, लेकिन पैक्स केंद्र नहीं खुला। मजबूरी में उन्होंने ₹1,400 प्रति क्विंटल की दर से धान बिचौलियों को बेच दिया।
यह स्थिति सिर्फ ब्रह्मदेव और सुरेश सिंह की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के किसानों की है। यदि झारखंड भी अन्य राज्यों की तरह नवंबर से खरीद शुरू करता, तो किसानों को ₹900–₹1,000 प्रति क्विंटल का भारी नुकसान नहीं झेलना पड़ता।
किसानों को राहत का भरोसा, कृषि मंत्री का बयान: “15 दिसंबर से धान खरीद शुरू होगी”
झारखंड के कृषि मंत्री ने प्रेस से बातचीत में कहा है:
“इस वर्ष राज्य में धान की सरकारी खरीद 15 दिसंबर से शुरू कर दी जाएगी। सभी जिलों के PACS केंद्रों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और खरीद प्रक्रिया समय पर सुनिश्चित की जाएगी।”
किसानों को उम्मीद है कि सरकार के इस आश्वासन से स्थिति सुधरेगी, हालांकि अब तक की देरी ने उन्हें आर्थिक रूप से पहले ही नुकसान पहुँचा दिया है।
निष्कर्ष: सरकार की उदासीनता, किसान की मजबूरी
झारखंड में
- धान खरीद में देरी,
- बोनस की सबसे कम राशि (₹1),
- भुगतान की अनिश्चितता,
- और PACS केंद्रों के समय पर न खुलने से
किसानों को भारी आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है। इसका सीधा लाभ बिचौलिये और स्थानीय व्यापारी उठा रहे हैं।