माकपा माले किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष कॉमरेड बीएन सिंह ने झारखंड सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में माफियाराज स्थापित हो चुका है और अधिकारी माफियाओं से मिलकर गरीब-गुरबों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे राज्य की व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
का. बीएन सिंह नीलांबर–पीतांबरपुर स्थित अंचल कार्यालय में आयोजित एकदिवसीय धरना सह घेराव कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अंचल कार्यालय में जमीन से जुड़े मामलों में लापरवाही और बड़े पैमाने पर हेराफेरी, सरकार द्वारा धान क्रय में हो रही देरी, जमीनों पर अवैध अतिक्रमण, परचाधारियों को उनकी जमीन पर कब्जा न दिलाने, मनरेगा का लाभ गरीबों तक न पहुंचने और केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा का नाम बदलने के प्रयासों का विरोध किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि अंचल कार्यालय की मिलीभगत से जमीनों में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी की जा रही है। कई मामलों में एक व्यक्ति की जमीन किसी दूसरे के नाम ऑनलाइन दर्ज कर दी गई है। उन्होंने रामसागर झारहा की जमीन का बंदोबस्त करने, गेन्था के परचाधारियों को उनकी जमीन पर कब्जा दिलाने तथा किसानों की जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में सुधार की मांग की।
इसके साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की कि पंचायत स्तर पर शीघ्र धान की खरीद शुरू की जाए और छत्तीसगढ़ की तर्ज पर किसानों से कम से कम 28 रुपये प्रति किलो की दर से धान की खरीद सुनिश्चित की जाए। धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम को का. शिवनाथ महतो, छोटू कुमार मेहता, अनुज पासवान, कालो देवी, गुड्डू भुइयां, श्यामलाल पासवान सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।
रिपोर्ट – जैलेश, नीलांबर–पीतांबरपुर