राजधानी के हरमू क्षेत्र में स्वामी सहजानंद सरस्वती ब्रह्मर्षि विकास परिषद की वार्षिक बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी जयशंकर तिवारी ने की। बैठक में बीते वर्षों के आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया तथा संगठन की वर्तमान गतिविधियों और भावी दिशा पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। अपने अध्यक्षीय संबोधन में जयशंकर तिवारी ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती के विचारों, मूल्यों और आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि गांव-गांव तक संगठन को सशक्त बनाने के लिए सभी सदस्यों को एकजुट होकर कार्य करना होगा। वर्तमान परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने संगठित प्रयासों के माध्यम से समृद्ध और जागरूक समाज के निर्माण पर बल दिया। समाजहित में उन्होंने कई महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।
बैठक को पूर्व मंत्री एवं कोडरमा के पूर्व सांसद डॉ. रविंद्र राय, जमशेदपुर ब्रह्मर्षि परिषद के अध्यक्ष राम नारायण शर्मा तथा समिति के संरक्षक ज्ञानचंद पांडे ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वामी सहजानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा राष्ट्रगान के साथ की गई। स्वागत भाषण समिति के संयोजक शिवकुमार सिंह ने दिया, जबकि संचालन डॉ. अंजेश कुमार ने किया। धन्यवाद ज्ञापन मनोज पांडे द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर संगठन को नए सिरे से सक्रिय और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से 11 सदस्यीय संचालन समिति का गठन किया गया। यह समिति विभिन्न जिलों का दौरा कर संगठन की जमीनी स्थिति का आकलन करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

बैठक में पलामू, रामगढ़, हजारीबाग, जमशेदपुर, लातेहार, सरायकेला, बोकारो और रांची समेत कई जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने विचार और सुझाव रखे। कार्यक्रम में अनिल सिंह, अरविंद सिंह, चंचला देवी, सीमा शर्मा, डॉ. आशा शर्मा, रामकुमार चौधरी, नीरज शर्मा, कमल ठाकुर, मुक्तेश्वर पांडे, रमाकांत आनंद, रामाशीष शर्मा, बबलू शुक्ला, विपिन सिंह, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. भीम प्रभाकर, पंकज सिंह, रामनरेश सिंह, अशोक शर्मा, सुजीत कुमार सिंह, मंटू सिंह, सुनील शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक का समापन संगठन की मजबूती और समाज सेवा के संकल्प के साथ हुआ।