नीलाम्बर-पीताम्बरपुर। लगातार पड़ रहे घने कोहरे और पाले के कारण क्षेत्र के किसान गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। रात के समय तापमान में भारी गिरावट से खेतों में खड़ी फसलें झुलसने लगी हैं। आलू, टमाटर, बैंगन, मिर्च सहित गेहूं जैसी प्रमुख रबी फसलें पाले की चपेट में आ गई हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पहाड़ी कला गांव के सूर्यदेव सिंह, बृजदेव सिंह, विश्वनाथ सिंह, चनैगिर के मुना सिंह और गणेश सिंह, कुराइन पतरा के उमेश सिंह, तरहसी अंचल के छतरपुर निवासी अर्जुन सिंह तथा बिनेका निवासी विक्रमादित्य सिंह समेत दर्जनों किसानों ने बताया कि कोहरे और पाले का सबसे अधिक असर सब्ज़ी की फसलों पर पड़ा है। कई खेतों में फसलों की पत्तियां पीली पड़ने लगी हैं और पौधे सिकुड़ते जा रहे हैं।
किसानों के अनुसार, आलू और टमाटर की फसल में पत्तियां झुलस रही हैं, जबकि बैंगन और मिर्च के पौधों की बढ़वार लगभग रुक गई है। इससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
ठंड और अत्यधिक नमी के कारण फूल वाली फसलों में लाही (कीट) का प्रकोप भी तेजी से बढ़ा है। इसका सीधा असर सरसों और सेम की फसलों पर पड़ा है। कीट पत्तियों और फूलों का रस चूस रहे हैं, जिससे फूल झड़ने लगे हैं और दाना बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी पाला और कोहरा बना रहा, तो गेहूं की शुरुआती बढ़वार कमजोर पड़ सकती है, जिससे अंतिम पैदावार में गिरावट आना तय है।
फसल नुकसान से परेशान किसानों ने कृषि विभाग और जिला प्रशासन से त्वरित सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग की है। किसानों का कहना है कि पहले ही खेती की लागत बढ़ चुकी है और यदि राहत नहीं मिली, तो उन्हें भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।
वहीं कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को पाले से बचाव के लिए हल्की सिंचाई करने, रात में खेतों में धुआं करने तथा लाही नियंत्रण के लिए सीमित मात्रा में कीटनाशक दवाओं के छिड़काव की सलाह दी है, जिससे नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सके।