भारी बारिश में छोटी नदी में आया तेज बहाव, सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त, ग्रामीणों ने बांध निर्माण और सड़क पुनर्निर्माण की उठाई मांग
मनातू, पलामू। मानसून के दौरान हुई लगातार और भारी बारिश ने मनातू के जंगलों से निकलने वाले एक छोटे नाले को खतरनाक रूप दे दिया है। सामान्य दिनों में मामूली बहाव वाला यह नाला बारिश के मौसम में अचानक उफन पड़ता है और मैदानी इलाकों में पहुंचते ही विनाश का कारण बन जाता है। इस वर्ष भी तेज बहाव के कारण गांव की संपर्क सड़क का बड़ा हिस्सा कटाव में बह गया है, जिससे सड़क अब बेहद जर्जर और जानलेवा हो चुकी है।
पसहर बाजार से कसियाडीह होते हुए छतरपुर की ओर जाने वाली पीसीसी सड़क के नीचे की मिट्टी कई फीट तक बह चुकी है। ऊपर से सड़क सामान्य दिखाई देती है, लेकिन भीतर से पूरी तरह खोखली हो चुकी है। कुछ स्थानों पर सड़क लकड़ी के खंभों के सहारे टिकी हुई है, जिस पर रोज़ाना ग्रामीणों का आना-जाना जारी है। हालात ऐसे हैं कि सड़क कभी भी धंस सकती है और बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, तेज बहाव ने पहले तालाबों को तोड़ा, फिर उपजाऊ खेतों को नुकसान पहुंचाया और अब गांव की मुख्य सड़क को भी अपनी चपेट में ले लिया है। ह्यूम पाइप से बना अस्थायी पुल भी बह चुका है, जिससे आवागमन और अधिक जोखिम भरा हो गया है। बाहर से मजबूत दिखने वाली यह सड़क अब हर कदम पर खतरे का संकेत दे रही है।
स्थानीय ग्रामीण विक्रमादित्य सिंह, प्रदीप सिंह, नकुल सिंह और गुड्डू सिंह ने बताया कि हर साल मानसून में नाले का बहाव और कटाव बढ़ता जा रहा है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का कहना है कि सिर्फ मरम्मत से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि नाले के बहाव को नियंत्रित करने के लिए एक छोटा बांध या चेकडैम निर्माण आवश्यक है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाले के जलप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए तुरंत बांध निर्माण कराया जाए और क्षतिग्रस्त गांव सड़क का पुनर्निर्माण किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो किसी दिन सड़क धंसने से जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है।
यह स्थिति केवल एक गांव तक सीमित नहीं है। पलामू जिले के कई ग्रामीण इलाकों में मानसून के दौरान छोटी नदियां और नाले उफान पर आकर सड़कों, खेतों और तटबंधों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। विकास के दावों के बीच ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे की यह बदहाली प्रशासन के लिए एक गंभीर चेतावनी है।
मनातू से द मॉर्निंग प्रेस के लिए जैलेश की रिपोर्ट