रिपोर्ट: नंद किशोर मंडल, पाकुड़
इन दिनों हिरणपुर थाना क्षेत्र में माहौल कुछ यूं बन गया है कि नाम आयोजन का काम जुए का! चाहे धार्मिक कार्यक्रम हो या खेलकूद की आड़, कई जगहों पर लगातार झंडा–मुंडा जैसे कुख्यात जुए का तंबू तान दिया जा रहा है। भले इसे मनोरंजन कहा जा रहा हो, लेकिन हकीकत यह है कि यह खेल नहीं, जेब काटने की मशीन बन चुका है,जिसमें भोले-भाले लोग लालच के झांसे में फंसकर अपनी मेहनत की कमाई गँवा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सिलसिला सिर्फ हिरणपुर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरा पाकुड़ जिला अब इस जुआ संस्कृति की चपेट में आता जा रहा है। साफ दिख रहा है कि गोटी के ये फड़ दिन-दहाड़े ऐसे चलते हैं जैसे ‘कानून कोई पड़ोसी गाँव में हो और यहाँ सिर्फ खबरें हों। अब वक्त है कि पाकुड़ पुलिस आँख में धूल झोंकने वालों की धूल झाड़े,और इन जुआ अड्डों पर ऐसी कार्रवाई करे कि लोग कह उठें अब आया ऊँट पहाड़ के नीचे!