भाकपा माले मेदिनीनगर नगर कमिटी ने 11 नवंबर को जिला समाहरणालय परिसर में नगर निगम की कार्यप्रणाली और शहर में व्याप्त समस्याओं को लेकर एकदिवसीय धरना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत दिल्ली में हुए वीभत्स धमाके में मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक मिनट का मौन रखकर की गई।
धरने को संबोधित करते हुए नगर कमिटी की सचिव दिव्या भगत ने कहा कि नगर निगम बनने के बाद नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी, लेकिन इसके बजाय रेड टेप, भ्रष्टाचार और उगाही में निरंतर बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि होल्डिंग टैक्स में वृद्धि के कारण शहर में रहना महंगा हो गया है, जबकि बुनियादी सुविधाएं नदारद हैं। आम लोगों को सामान्य प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भी अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की कि सभी प्रकार के प्रमाण पत्रों के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रमाण पत्र निर्गत करने की गारंटी सुनिश्चित की जाए। साथ ही, कार्य में लापरवाही या आनाकानी करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
दिव्या भगत ने मेदिनीनगर के ऐतिहासिक महत्व और इसके समृद्ध साहित्यिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि नगर निगम बनने से शहर के विकास की उम्मीदें जगी थीं, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी सुंदरीकरण के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की स्थिति बदतर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरे देश की तरह यहां भी प्रदूषण और स्वच्छ हवा का संकट गंभीर होता जा रहा है, किंतु नगर निगम के पास शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की कोई ठोस योजना नहीं है।
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर शहर की बेहतरी के लिए संघर्ष को मजबूत करें, ताकि मेदिनीनगर को पुनः एक सुनियोजित और विकसित शहर के रूप में स्थापित किया जा सके।
एकदिवसीय धरने में आइसा जिला अध्यक्ष गुड्डू भुइयां, जिला सचिव गौतम दांगी, पवन विश्वकर्मा, अंकित मेहता, रामपति देवी सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।