बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान आज हो रहा है, जिसमें एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है। इस चरण में उपमुख्यमंत्री समेत कई मंत्रियों, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और उनके भाई तेज प्रताप यादव के राजनीतिक भविष्य का फैसला होगा।
राजनीतिक रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को इस चुनाव में ‘एक्स फैक्टर’ माना जा रहा है, जिससे मुकाबले में रोचकता बढ़ गई है। पहले चरण में कुल 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदान जारी है, जिनमें से अधिकांश गंगा के दक्षिणी हिस्से में आती हैं।
2020 के विधानसभा चुनाव में महागठबंधन (आरजेडी नेतृत्व में) ने इन इलाकों में बढ़त बनाई थी, जहां उसे 63 सीटें मिली थीं, जबकि एनडीए को 55 सीटें हासिल हुई थीं। अब देखना यह होगा कि क्या इतिहास खुद को दोहराता है, क्योंकि यह इलाका—जिसमें राजधानी पटना भी शामिल है—अक्सर बिहार की राजनीति की दिशा तय करता है।
इस चरण की प्रमुख सीटों में राघोपुर (जहां तेजस्वी यादव हैट्रिक की कोशिश में हैं), महुआ (जहां तेज प्रताप मैदान में हैं) और तारापुर (जहां उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी चुनाव लड़ रहे हैं) शामिल हैं।
पहले चरण के प्रचार अभियान के दौरान आरजेडी और कांग्रेस ने बेरोज़गारी, कानून-व्यवस्था और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बीजेपी की कठपुतली बताने जैसे मुद्दों पर जोर दिया। वहीं एनडीए ने ‘जंगलराज’ का मुद्दा उठाकर आरजेडी को घेरने की कोशिश की।